धनतेरस 2025: सोना-चाँदी खरीदने की तिथि, पूजा का समय और शुभ मुहूर्त
धनतेरस — दीपों और उम्मीदों का पहला दिन। यह वह पल होता है जब परिवार छोटे-बड़े फैसले करता है: सोना लेना है या नहीं, तिजोरी में क्या रखा जाए, पूजा कब करे — और साथ में दिल के उन छोटे-छोटे इरादों को भी ताज़ा किया जाता है जो साल भर साथ चलते हैं। 2025 में भी यही सवाल हर घर में है। आइए समझें सही तिथि, कौन-सा समय सबसे शुभ माना जा रहा है और किसलिए कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा।
धनतेरस 2025 — तिथि (संक्षेप)
विभिन्न पञ्चांगों के अनुसार, इस साल धनतेरस (Dhantrayodashi) 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को मनाया जा रहा है। Trayodashi तिथि का आरम्भ और समाप्ति स्थान और पञ्चांग पर निर्भर कर थोड़ा भिन्न दिख सकता है — इसलिए अपने स्थानीय पञ्चांग या पुजारी से अंतिम पुष्टी करें। :contentReference[oaicite:0]{index=0}
मुख्य पूजा मुहूर्त और प्रात:क/सांय-कालीन शुभ समय
धनतेरस पर पारंपरिक रूप से शाम का प्रादोष काल और उससे जुड़ा विशेष पूजा मुहूर्त अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है (Lakshmi-Kuber/ Dhanvantari पूजा)। कई प्रमुख पञ्चांगों के अनुसार 2025 में शाम का शुभ पूजा समय लगभग 07:15 PM से 08:20 PM (IST) के बीच माना जा रहा है — पर स्रोतों में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। सुबह के कुछ घंटे, विशेष रूप से व्यय-शुभ काल, आभूषण खरीदने के लिए भी शुभ माने जाते हैं; उदाहरण के लिये कुछ सूचनाओं में सुबह का शुभ खरीद-विवरण 08:50 AM–10:33 AM जैसा दिया गया है। :contentReference[oaicite:1]{index=1}
- धनतेरस तिथि: 18 अक्टूबर 2025
- प्रमुख पूजा मुहूर्त (सांय): लगभग 07:15–08:20 PM IST (स्थानीय पंचांग के अनुसार पुष्टि करें)।
- प्रादोष काल / यमदीप का काल: शाम के समय प्रादोष सम्बन्धी विंडो — कई स्रोत 05:48 PM से लेकर 08:20 PM तक दिखाते हैं।
- सोना-चाँदी खरीदने का अनुकूल समय: अलग-अलग पञ्चांगों में सुबह और दोपहर के कुछ शुभ घड़ी बताए जाते हैं — स्थानीय पंचांग देखें।
कैसे तय करें — मेरा घर/नगर किस समय देखें?
यहाँ एक सरल ढांचा है जिसे अपनाकर आप अपना समय चुनीए:
- अपने शहर/नगर का स्थानीय पंचांग (ऑनलाइन या मूर्त) देखें — Trayodashi तिथि की शुरुआत/समाप्ति और प्रादोष काल अलग-अलग शहरों में अलग हो सकता है।
- यदि पूजा के लिए पारिवारिक पंडित हैं तो उनसे अंतिम मुहूर्त कन्फर्म कराएँ — वे ग्रह-स्थितियों और नक्षत्र के आधार पर सबसे उपयुक्त समय बताएँगे।
- सोना/चांदी खरीदने के लिए सुबह के साफ़, शुभ समय या दुकानदार द्वारा सुझाए ‘शुभ घंटों’ का पालन करें—पर याद रखें कि सबसे महत्वपूर्ण है विश्वास और बिल/गुणवत्ता प्रमाणपत्र।
धनतेरस पर पूजा-विधि (संक्षेप)
धनतेरस पर सामान्यतः माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। सरल विधि में साफ-सुथरा स्थान, दीपक (यमदीप) दक्षिण दिशा में, मिट्टी के या तांबे के पात्र, फूल और प्रसाद रखें। मन से सुख-समृद्धि की कामना करें — और अगर संभव हो तो दान करें; यह शुभ फल बढ़ाता है।
सोना-चाँदी खरीदते समय ध्यान रखें
- हमेशा सत्यापित दुकान से खरीदें और बिल/सर्टिफिकेट लें।
- यदि बजट सीमित है तो डिजिटल गोल्ड या गोल्ड-सेविंग स्कीम पर विचार करें।
- पुराने गहने खरीदते समय प्योरिटी की जाँच कराएँ।
